Chhatttisgarh

“NHMMI” में “नयी सरकार” बस एक कदम दूर | आठ सदस्यीय फाउंडर मेंबरों को सौपी जाएगी “कमान” |

रायपुर / राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों से खबर आ रही है कि सोमवार को ”NHMMI” अस्पताल की कमान विधिवत रूप से “फांउडर मेंबरों” को सौंपी जाएगी | इसके लिए क़ानूनी तैयारी कर ली गई है |  बिलासपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर हाल ही में  “रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी”   ने MMI के 70 में से मात्र 8 सदस्यों को ही वैधानिक सदस्य माना था | इस फैसले के बाद से ”NHMMI” में मचे हड़कंप का असर राजनैतिक और प्रशानिक हल्को के अलावा मेडिकल महकमे में भी हुआ है | बताया जाता है कि ‘NHMMI’ और MMI  सोसाइटी के सदस्यों के रसूख के चलते यह पूरा मामला हाईप्रोफ़ाइल हो गया है | संस्था के वैधानिक सदस्य अब कानूनन प्रभार लेने की प्रक्रिया के दौर से गुजर रहे है | 

“रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी”  के फैसले को लागू कराने के लिए उन्होंने जनहित के मद्देनजर ‘राज्य सरकार’ और ‘प्रशासनिक’ अधिकारियों से गुहार लगाई है |  ‘MMI’ के वैधानिक सदस्यों ने सर्वसम्मति से लूनकरण श्रीश्रीमाल को संस्था का नया अध्यक्ष मनोनीत किया है | इसके साथ ही साथ कार्यकारणी भी भी बनाई है | नए अध्यक्ष ने सोसाइटी का “प्रभार” लेने के लिए तमाम औपचारिकताएं भी पूरी कर ली है | 

लूनकरण श्रीश्रीमाल ने उम्मीद जाहिर की है कि ‘NHMMI’ का मौजूदा प्रबंधन ‘अदालती’ निर्देश का पालन करते हुए उन्हें सोसाइटी का प्रभार सौंप देगा | श्रीश्रीमाल ने कहा कि  “रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी”   के फैसले के बाद विवाद खत्म हो चूका है | वे सभी सदस्यों के साथ मिलजुलकर MMI का संचालन करेंगे | उन्होंने यह भी कहा कि फाउंडर मेंबरों की पहली कोशिश “रियायती दरों” पर जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है | फांउडर मेंबरों की बैठक में लूनकरण श्रीश्रीमाल ने कहा कि ‘NHMMI’ में स्वास्थ्य सेवाओं की दरे काफी महंगी है | जबकि उन्होंने इस संस्था का गठन ‘चैरेटी’ के लिए किया था ना कि ‘लाभ’ के लिए | उनके मुताबिक ‘NH’ और ‘MMI’ के बीच हुए करार की समीक्षा होगी | संतोषजनक नहीं पाए जाने पर इस “करार” को तोड़ा भी जायेगा |     

उधर ”NHMMI” का मौजूदा प्रबंधन लूनकरण श्रीश्रीमाल को सोसायटी की कमान सौंपने को तैयार नहीं है | ”NHMMI” की ओर से आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में वरिष्ठ सदस्य राम अवतार अग्रवाल ने   “रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी”  के फैसले को अवैध बताते हुए उसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है | उन्होंने कहा कि   “रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी”  ने अपने अधिकारों से बाहर जाकर फैसला सुनाया है , जिसे वो “अदालत” में चुनौती देंगे | राम अवतार अग्रवाल ने “MMI” के फाउंडर मेंबरों पर अपने कार्यकाल में “भ्रष्ट्राचार” करने का भी आरोप लगाया है | 

फ़िलहाल  “NHMMI” के मौजूदा प्रबंधन के रुख से साफ़ है कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी “टकराव” की स्थिति है |  दोनों ही खेमो के बीच “तू डाल डाल और मैं पात पात” की तर्ज पर जंग छिड़ी हुई है | क़ानूनी दांवपेचों को लेकर दोनों ही “खेमे” आमने सामने है | हालांकि “हाईकोर्ट” के निर्देश पर  “रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी”   के लगातार दूसरी बार “फाउंडर मेंबरों ” के पक्ष में फैसला सुनाये जाने से लूनकरण श्रीश्रीमाल खेमे का दावा काफी मजबूत नजर आ रहा है | बहरहाल देखना होगा कि “ऊंट” किस करवट बैठता है |     

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BUREAU REPORT
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